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दुआएँ

दुआएँ

दिन की और नमाज़ की दुआएँ, अरबी में मतलब के साथ।

सफ़र

सफ़र की दुआ — सवारी पर बैठते वक़्त

नबी صلى الله عليه وسلم सवारी पर बैठकर तीन बार अल्लाहु अकबर कहते, फिर क़ुरआन की वो आयत पढ़ते जो अल्लाह ने सवारी के बारे में उतारी।

हवाला: Sahih Muslim 1342; Quran 43:13-14
खाना-पीना

खाने से पहले और बाद की दुआ

पहले सिर्फ़ 'बिस्मिल्लाह'। और अगर भूल जाएँ तो हदीस में उसका भी इलाज है — बीच में याद आए तब भी।

हवाला: Sahih al-Bukhari 5376; Sunan Abi Dawud 3767 (graded sound); Jami at-Tirmidhi 1858, 3458 (graded good)
सोना और उठना

सोने और उठने की दुआ

दोनों दुआओं में एक ही लफ़्ज़ दोहराया गया है — मौत। और यही उनका असल मज़मून है।

हवाला: Sahih al-Bukhari 6312, 6314, 6320, 6324; Sahih Muslim 2714
हिफ़ाज़त

हिफ़ाज़त की दुआएँ

चार दुआएँ, चारों सहीह — और हर एक के साथ वही वादा जो हदीस ने ख़ुद किया, न उससे कम, न ज़्यादा।

हवाला: Sahih al-Bukhari 2311, 5017; Sahih Muslim 2708; Sunan Abi Dawud 5088 (graded sound); Jami at-Tirmidhi 3388 (graded sound)
परेशानी में

परेशानी और ग़म की दुआ

जो दुआ नबी صلى الله عليه وسلم मुसीबत के वक़्त पढ़ते थे — और उसमें एक भी लफ़्ज़ माँगने का नहीं है।

हवाला: Quran 3:173, 21:87, 65:2-3; Sahih al-Bukhari 6345, 6346, 4563; Sahih Muslim 2730; Jami at-Tirmidhi 3505 (graded sound)
रमज़ान

इफ़्तार की दुआ — और जो सब पढ़ते हैं उसकी सनद

जो दुआ हिंदुस्तान में सब से ज़्यादा पढ़ी जाती है, उसकी सनद पर कलाम है। और जो ज़्यादा साबित है, वो कम लोग जानते हैं। दोनों यहाँ हैं।

हवाला: Sunan Abi Dawud 2357 (graded sound), 2358 (chain criticised); Jami at-Tirmidhi 3513 (graded sound); Sahih al-Bukhari 1899, 2014; Sahih Muslim 1151
नमाज़ की दुआएँ

सना (नमाज़ शुरू करने की दुआ)

ऐ अल्लाह, मैं तेरी पाकी बयान करता हूँ और तेरी तारीफ करता हूँ। तेरा नाम बरकत वाला है और तेरी शान बहुत ऊँची है और तेरे सिवा कोई इबादत के लायक…

हवाला: Tirmidhi
नमाज़ की दुआएँ

अत्तहियात (तशह्हुद)

तमाम ज़ुबानी, बदनी और माली इबादतें अल्लाह ही के लिए हैं। ऐ नबी! आप पर अल्लाह की सलामती, रहमत और बरकतें हों। हम पर और अल्लाह के तमाम नेक बंदो…

हवाला: Sahih Bukhari
नमाज़ की दुआएँ

दुरूद-ए-इब्राहिम

ऐ अल्लाह! रहमत नाज़िल फरमा मुहम्मद (S.A.W) पर और मुहम्मद (S.A.W) की आल पर जैसे तूने रहमत नाज़िल फरमाई इब्राहिम (A.S) पर और उनकी आल पर। बेशक…

हवाला: Sahih Bukhari
नमाज़ की दुआएँ

दुआ-ए-मासूरा

ऐ अल्लाह! मैंने अपनी जान पर बहुत ज़ुल्म किया और तेरे सिवा कोई गुनाहों को माफ़ नहीं कर सकता, मुझे अपनी तरफ़ से माफ़ी और रहम अता कर। बेशक तू म…

हवाला: Sahih Bukhari
नमाज़ की दुआएँ

दुआ-ए-कुनूत (वितर)

ऐ अल्लाह! हम तुझसे मदद चाहते हैं और तुझसे माफी मांगते हैं और तुझ पर ईमान लाते हैं और तुझ पर भरोसा करते हैं और तेरी अच्छी तारीफ करते हैं। हम…

हवाला: Sunan al-Bayhaqi, Musannaf Ibn Abi Shaybah
रोज़ की दुआएँ

खाना खाने से पहले की दुआ

अल्लाह के नाम से (शुरू करता हूँ)।

हवाला: Sahih Bukhari 5376, Sahih Muslim 2022
रोज़ की दुआएँ

खाना खाने के बाद की दुआ

तमाम तारीफें अल्लाह के लिए हैं जिसने मुझे यह खिलाया और मुझे यह रिज़्क़ अता किया, बिना मेरी किसी ताक़त और कुव्वत के।

हवाला: Abu Dawood 4023, Tirmidhi 3458
रोज़ की दुआएँ

मस्जिद में दाखिल होने की दुआ

ऐ अल्लाह, मेरे लिए अपनी रहमत के दरवाज़े खोल दे।

हवाला: Muslim
रोज़ की दुआएँ

मस्जिद से निकलने की दुआ

ऐ अल्लाह, मैं तुझसे तेरा फ़ज़ल (कृपा) मांगता हूँ।

हवाला: Muslim
रोज़ की दुआएँ

बैतुल खला में जाने की दुआ

ऐ अल्लाह! मैं तेरी पनाह मांगता हूँ नापाक जिन्नों और जिन्नियों से।

हवाला: Bukhari
रोज़ की दुआएँ

बैतुल खला से निकलने की दुआ

अल्लाह मैं तुझसे माफ़ी चाहता हूँ।

हवाला: Abu Dawood
रोज़ की दुआएँ

घर में दाखिल होने की दुआ

अल्लाह के नाम से हम दाखिल हुए और अल्लाह ही के नाम से हम निकले, और अपने रब पर हमने भरोसा किया।

हवाला: Abu Dawood
रोज़ की दुआएँ

घर से निकलने की दुआ

अल्लाह के नाम से, मैंने अल्लाह पर भरोसा किया, बुराई से बचने और नेकी करने की ताक़त अल्लाह ही की तरफ से है।

हवाला: Tirmidhi
रोज़ की दुआएँ

लिबास पहनने की दुआ

तमाम तारीफें अल्लाह के लिए हैं जिसने मुझे ये पहनाया और मुझे ये रिज़्क़ दिया बिना मेरी किसी ताक़त और कुव्वत के।

हवाला: Abu Dawood
रोज़ की दुआएँ

आईना देखने की दुआ

ऐ अल्लाह, तूने मेरी सूरत (बनावट) अच्छी बनाई, तो मेरी सीरत (अखलाक़) भी अच्छी कर दे।

हवाला: Ahmad
रोज़ की दुआएँ

बारिश की दुआ

ऐ अल्लाह! अपने बंदों और जानवरों को पानी पिला, और अपनी रहमत (हम पर) फैला दे, और अपने मुर्दा शहर को ज़िंदा (और आबाद) फ़रमा।

हवाला: Muwatta Imam Malik 449
रोज़ की दुआएँ

सोते वक़्त की दुआ

ऐ अल्लाह! मैं तेरे ही नाम के साथ मरता (सोता) हूँ और जीता (जागता) हूँ।

हवाला: Sahih Bukhari 6324
रोज़ की दुआएँ

नींद से उठने के बाद की दुआ

तमाम तारीफें अल्लाह के लिए हैं जिसने हमें मौत (नींद) के बाद ज़िंदगी दी, और उसी की तरफ़ लौट कर जाना है।

हवाला: Sahih Bukhari 6312, Sahih Muslim 2711
रोज़ की दुआएँ

आयतल कुर्सी

अल्लाह, जिसके सिवा कोई इबादत के लायक नहीं, जो हमेशा ज़िंदा रहने वाला और सबको संभालने वाला है। उसे न ऊँघ आती है और न नींद। आसमानों और ज़मीन म…

हवाला: Surah Al-Baqarah 2:255
रोज़ की दुआएँ

बुराई से हिफाज़त (शाम)

मैं अल्लाह के मुकम्मल कलिमात (शब्दों) के ज़रिए उसकी मख़लूक़ (सृष्टि) के शर (बुराई) से पनाह मांगता हूँ।

हवाला: Muslim

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